- Bhumi Satish Pednekkar: Successfully Balancing Commercial Entertainers & Content-Driven Cinema
- केयर सीएचएल हॉस्पिटल इंदौर में 49 वर्षीय महिला के इन्सीजनल हर्निया का लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से हुआ उपचार
- Producer Ashwin Varde hits back at Paresh Rawal calling him ‘unprofessional’, says Rawal tried to steal OMG 2 from Akshay Kumar
- ओएमजी-2 के निर्माता अश्विन वर्दे ने फिल्म को लेकर सामने आए विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और परेश रावल के हालिया पॉडकास्ट में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत, निराधार और चौंकाने वाला बताया है।
- From Everyday Moments to Real Emotions: Why Bhumi Satish Pednekkar Is So Relatable
रास्ता भटकी मासूम को राजेन्द्र नगर पुलिस और डायल 100 ने परिजनों से मिलवाया
इन्दौर. खेलते-खेलते घर से निकलकर रास्ता भटकी 3 वर्ष की मासूम बच्ची को थाना राजेंद्र नगर और डायल-100 की टीम की त्वरित कार्यवाही से परिजनों से मिलवाया गया. घर से गायब हुई तीन साल की मासूम सोशल मीडिया की मदद से तीन घंटे में घर पहुंच गई.
पुलिस की डायल-100 को फ़ोन से सूचना मिली थी कि थाना राजेंद्र नगर क्षेत्र में बिजलपुर इलाके में एक तीन साल की बच्ची रो रही है और कुछ बता नहीं पा रही है. उक्त बालिका को इलाके में पहले कभी देखा नहीं गया. मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने सूचना तस्दीक के बाद आसपास इलाके में पूछताछ की लेकिन कोई कुछ नहीं बता सका, वही मासूम भी अपने निवास के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकी.
वरिष्ठ अधिकारियों से मिले निर्देशों का थाना राजेंद्र नगर ने कढ़ाई से पालन करते हुए, मासूम को राजेंद्र नगर थाने लाकर चाइल्ड लाइन की टीम को सूचना दी और उसके परिजनों की तलाश शुरू की. राजेंद्र नगर थाना प्रभारी ने सोशल मीडिया का सदुपयोग किया और उसी की मदद से बच्ची के परिजनो के बारे में तीन घंटे में ही जानकारी मिल गई. राजेंद्र नगर थाना इलाके में जितनी भी कॉलोनी है लगभग सभी के वाट्सएप ग्रुप बने हुए है.
इन सभी ग्रुप में थाना प्रभारी अमृता सोलंकी ने बच्ची के फोटो के साथ बच्ची की जानकारी प्रसारित कर दी थी. मासूम की बुआ इलाके में ही एक घर में काम करने गई हुई थी. उसी दौरान घर के एक शख्स ने सोशल मीडिया पर फोटो देखा और उसका जिक्र किया, तो अचानक जिज्ञासावश बच्ची की बुआ ने जब फोटो देखा तो वह अपनी भतीजी को पहचान गई और तत्काल थाना प्रभारी राजेंद्र नगर से सम्पर्क करने के बाद थाने पहुँच गई. बालिका के पिता सुबह काम पर जाते वक¸्त अपनी बेटी कोअपनी बहन (बच्ची की बुआ) के घर छोड़ कर चले गए थे.
इस दौरान मासूम अपनी दो अन्य बहनो के साथ खेल रही थी और खेलते-खेलते वह दूर निकल गई और बिछड़ गई. हालांकि वह अपने और माता पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रही थी. थाने पर चॉकलेट एवं अन्य माध्यम से थाना प्रभारी ने बालिका को बातों में उलझाकर घर के पते के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया,लेकिन वही नहीं बता सकी.
इस दौरान चाइल्ड लाइन की टीम भी मौजूद रही और जानकारी जुटाने का प्रयास किया. हालांकि सोशल मीडिया सकारात्मक परिणाम देखने में आया, कि ग्रुपों में संदेश वायरल होने के महज तीन घंटे के अंदर ही बालिका के परिजनों की तलाश पूरी हो गई और मासूम को परिजनों के सुपुर्द कर दिया. इस दौरान स्थानीय रहवासियों ने भी सक्रियता के साथ सहयोग किया. इस कार्यवाही में थाना प्रभारी राजेंद्र नगर अमृता सोलंकी, डायल-100 स्टाफ सउनि श्याम जोशी, पायलट सोनू डोडिया एवं थाना राजेंद्र नगर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही.


